Indian Institute Of Management Sambalpur

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विश्व हिंदी दिवस [10 जनवरी 2026]:

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भारतीय प्रबंधन संस्थान संबलपुर ने 10 जनवरी 2026 को अधिकारी और कर्मचारियों की भागीदारी के साथ विश्व हिंदी दिवस मनाया। यह कार्यक्रम हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसकी वैश्विक महत्ता को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत श्री अमृत पी. मोहंती, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन समारोह संपन्न हुआ। प्रो. महादेव जैसवाल, निदेशक, आईआईएम संबलपुर ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और संचार को सशक्त बनाने तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण में हिंदी की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में क्विज़ प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा और प्रमाणपत्र वितरण भी शामिल था, जिसमें विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।

कार्यक्रम का समापन श्री धनंजय देवांगन, एओ (अकादमिक्स) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कुल मिलाकर, यह आयोजन गरिमापूर्ण और अर्थपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जो संस्थान की हिंदी के प्रचार और प्रभावी उपयोग के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हिंदी कार्यशाला [27 दिसंबर 2025] :

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भारतीय प्रबंधन संस्थान संबलपुर ने 27 दिसंबर 2025 को कक्षा A02 में हिंदी कार्यशाला का विधिवत आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. धरेन कुमार पांडेय द्वारा विषय-प्रस्तावना तथा मुख्य वक्ता डॉ. कुमार वरुण, सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग, अनुग्रह नारायण कॉलेज, पटना के औपचारिक परिचय के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. कुमार वरुण ने “हिंदी भाषा के अनुप्रयोग एवं चुनौतियाँ” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग, उसकी व्यावहारिक उपयोगिता तथा समकालीन चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मध्यान्ह भोजनावकाश के उपरांत प्रो. धरेन कुमार पांडेय द्वारा द्वितीय वक्ता श्री संतोष गुप्ता, अनुसंधान अधिकारी (कार्यान्वयन), राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार का परिचय कराया गया। तत्पश्चात श्री संतोष गुप्ता ने “राजभाषा कार्यान्वयन एवं वर्तमान स्थिति” विषय पर व्याख्यान देते हुए राजभाषा अधिनियम एवं नियमों, निर्धारित लक्ष्यों तथा प्रभावी कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का समापन श्री अमृत मोहंती द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके उपरांत अपराह्न चाय का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग एवं जागरूकता को बढ़ावा देने की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं सफल रही।

हिंदी पखवाडा समारोह [2025] :

भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) संबलपुर में प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के उत्सव के रूप में दिनांक 16/09/2025 से 30/09/2025 तक हिंदी पखवाड़ा 2025 का आयोजन किया गया।

हिंदी पखवाड़ा का उद्घाटन निदेशक प्रो. महादेव जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलन एवं भारत सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री के संदेश वाचन के साथ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने सभी सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया तथा हिंदी के महत्व और भारत को एकता के सूत्र में पिरोने में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर कुछ कर्मचारियों ने अपनी कविताओं का पाठ भी प्रस्तुत किया। उद्घाटन समारोह का समापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री अमृत पी. मोहंती के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

हिंदी पखवाड़ा के दौरान कविता-पाठ, वाद-विवाद, अनुवाद, निबंध लेखन तथा प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सप्ताह भर आयोजित विविध प्रतियोगिताओं के उपरांत आईआईएम संबलपुर में हिंदी पखवाड़ा 2025 का समापन समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी राजभाषा समिति के नोडल अधिकारी प्रो. धरेन कुमार पाण्डेय के स्वागत भाषण से हुआ। प्रो. पाण्डेय ने इस अवसर पर अपनी स्वरचित कविता भी प्रस्तुत की।

इसके पश्चात प्रो. दिप्तिरंजन महापात्र, डीन (शैक्षणिक), ने हिंदी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि हिंदी का प्रयोग केवल हिंदी पखवाड़ा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे नियमित प्रशासनिक कार्यों में भी अपनाया जाना चाहिए।

समापन समारोह में प्रो. महापात्र द्वारा प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की गई तथा उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। अंत में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री अमृत पी. मोहंती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

हिंदी कार्यशाला [30 जून 2025] :

 

दिनांक  30  जून 2025 को भारतीय प्रबंध संस्थान संबलपुर में “राजभाषा हिंदी का प्रसार: चुनौतियाँ, संभावनाएँ एवं कार्यालयीन कार्यों में यूनिकोड सहित हिंदी का अनुप्रयोग” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के प्रभावी उपयोग और यूनिकोड के अनुप्रयोग को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ और इसमें प्रशासनिक अधिकारीयों तथा कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यशाला का शुभारंभ सुश्री श्रद्धा सिंह (सदस्य, राजभाषा समिति) द्वारा सभी के स्वागत से हुआ, जिसके पश्चात प्रो. धरेन कुमार पाण्डेय (नोडल अधिकारी, हिंदी राजभाषा एवं सहायक प्राध्यापक) ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित किया। कार्यशाला में डॉ. परम् प्रकाश राय (वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक, मगध विश्वविद्यालय) ने “राजभाषा हिन्दी का प्रसार: चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ” विषय पर हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं और उनके समाधानों पर विस्तृत चर्चा की, जबकि डॉ. वंदना भारती (वरिष्ठ सहायक प्राध्यापिका, पूर्णियां विश्वविद्यालय) ने “कार्यालय में राजभाषा हिन्दी एवं यूनिकोड का अनुप्रयोग” विषय पर प्रौद्योगिकी के माध्यम से हिन्दी के डिजिटल उपयोग, विशेष रूप से यूनिकोड तकनीक द्वारा कार्यालयीन कार्यों को सरल बनाने के व्यावहारिक तरीकों को प्रदर्शित किया। दोनों वक्ताओं ने अपने-अपने विषयों पर गहन जानकारी प्रदान कर प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। कार्यशाला के समापन पर श्री अमृत पी. मोहन्ती (सदस्य, राजभाषा समिति एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी) ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं और आयोजक टीम की सराहना की। यह कार्यशाला राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। भारतीय प्रबंध संस्थान संबलपुर भविष्य में ऐसे और आयोजन करने के लिए प्रतिबद्ध है।हहंदी पखवाडा समारोह 2025 की ररपोर्ट

हिंदी कार्यशाला [28 फरवरी 2025] :

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दिनांक 28 फरवरी 2025 को सभी प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजभाषा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक श्री जगदीश राम पौरी इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता थे, जिन्होंने राजभाषा नीति एवं उसके कार्यान्वयन पर विस्तार से व्याख्यान दिया। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों का समाधान किया।

इस कार्यशाला में राजभाषा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की सहायक निदेशक श्रीमती रेखा कुमारी तथा कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी श्रीमती नीतू कुमारी भी उपस्थित थीं।

कार्यशाला का समन्वय भारतीय प्रबंध संस्थान संबलपुर की राजभाषा समिति द्वारा किया गया।

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